Asian Games

देश को सोने का मैडल दिलाने वाले शूटर सौरभ का खुलासा, कहा- “कोच की अंग्रेजी नहीं आती थी समझ”

इन दिनों जकार्ता में एशियाई गेम्स का सिलसिला लगातार जारी है. बीते दिनो निशानेबाज दीपक कुमार ने भारत को सिल्वर मेडल दिलवा कर देश की शान में चार चांद लगाए थे वहीं दूसरी तरफ अब शूटर सौरभ चौधरी ने भी स्वर्ण पदक भारत के नाम कर दिया है. हाल ही में हुए एक इंटरव्यू के दौरान सौरभ चौधरी ने बताया कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान अंग्रेज कोच की भाषा समझ नहीं आती थी. ऐसे में वह केवल उनके भाव समझकर खेला करते थे.

Saurabh Chaudhary Abhishek Verma Gold and Bronze
Saurabh Chaudhary wins 3rd Gold for India.

आपको बता दें कि स्वर्ण पदक जीतने वाले सौरभ ने मात्र 16 वर्ष की उम्र में ही एशियाई गेम में स्वर्ण पदक जीतने की सफलता हासिल की है. जिसके बाद से ही आज पूरे मेरठ में जश्न का माहौल बना हुआ है. सौरभ चौधरी ने यह साबित कर दिखाया कि किसी भी व्यक्ति का टैलेंट उसकी भाषा का मोहताज नहीं होता. हालांकि सौरभ को कभी अपने कोच की भाषा समझ नहीं आई लेकिन उन्हें अर्जुन की तरह हमेशा पता रहता था कि मछली की आंख कहा है. वह हमेशा अपने टारगेट पर नजर जमा कर रखते थे ताकि अपनी मंजिल के करीब पहुंच सकें.

Saurabh Chaudhary wins Gold

कोच विदेशी मिले तो सौरभ अंग्रेजी नहीं समझ पाता था, किंतु उसे पता था कि लक्ष्य कैसे भेदना है. मगर कोच के भावों को समझने के साथ ही दूसरे कोच भारत के स्टार शूटर रहे जसपाल राणा ने भी उसकी मदद की. किसी भी शूटर के लिए एकाग्रता को समझना बहुत जरूरी है. ऐसे में सौरभ ने उस एकाग्रता को ना केवल समझा बल्कि अपने लक्ष्य को भेद पर भारत को एक और तमगा दिलवाया.

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